ईओडब्ल्यू ने तत्कालीन उपनिदेशक और सहायक लेखाधिकारी को पकड़ा
लखनऊ। चित्रकूट के विशिष्ट मंडी कर्वी के निर्माण कार्य में करीब आठ करोड़ से अधिक के सरकारी धन के गबन में ईओडब्ल्यू ने मुख्य आरोपी तत्कालीन उपनिदेशक एवं सहायक लेखाधिकारी को गिरफ्तार किया है। इनके खिलाफ वर्ष 2019 में गबन को लेकर विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई थी।
जानकारी के अनुसार जनपद चित्रकूट के कर्वी स्थित विशिष्ट मंडी स्थल के निर्माण के लिए वर्ष 2014 में निविदा प्रक्रिया के माध्यम से कार्यदायी संस्था का चयन किया गया था। आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान अभियुक्तों ने कार्यदायी संस्था मे. ग्लेयर इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, गाजियाबाद के पदाधिकारियों के साथ साजिश करते हुए मिलीभगत कर अपने पद का दुरुपयोग किया। अभियुक्तों ने निर्माण कार्य का वास्तविक सत्यापन एवं वित्तीय परीक्षण किए बिना, नियमों के विपरीत अधिक माप, अनुचित मूल्यांकन तथा अनधिकृत भुगतान कराते हुए लगभग आठ करोड़ से अधिक की सरकारी धनराशि का अतिरिक्त भुगतान कराया गया। जिससे शासन को भारी आर्थिक क्षति हुई। इस संबंध में वर्ष 2019 में चित्रकूट के कोतवाली नगर थाना में विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज किया गया। जिसके बाद वर्ष 2021 में शासन ने प्रकरण की जांच आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन यूपी को सौंप दी थी। विवेचना के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्तों की भूमिका संदिग्ध पायी गई। जिनके खिलाफ साक्ष्य मिलने के बाद आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया गया। इसी क्रम में ईओडब्ल्यू की टीम ने दो आरोपी अशोक कुमार तत्कालीन उप-निदेशक (निर्माण), राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद, बांदा और सतीश कुमार यादव तत्कालीन सहायक लेखाधिकारी, राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद, बांदा को गिरफ्तार किया है।
