कांवड़ यात्रा एवं आगामी पर्व जीरो इंसीडेंट एंड जीरो एक्सीडेंट के लक्ष्य के साथ हो सम्पन्न: राजीव कृष्णा
डीजीपी ने उच्चस्तरीय अपराध की समीक्षा बैठक कर दिये कई निर्देश
लखनऊ। प्रदेश में कांवड़ यात्रा एवं आगामी पर्वों को जीरो इंसीडेंट एंड जीरो एक्सीडेंट के लक्ष्य के साथ सम्पन्न कराया जाये। बीट सूचना, यक्ष ऐप की आत्मा है अत: बीट सूचना तंत्र को सुदृढ़ कर सक्रिय अपराधियों का शत-प्रतिशत सत्यापन कराया जाये। ऐसे कई निर्देश प्रदेश के डीजीपी राजीव कृष्णा ने मंगलवार को पुलिस मुख्यालय में उच्चस्तरीय अपराध समीक्षा बैठक के दौरान दिये है। इस बैठक में प्रदेश के सभी जोनल एडीजी/पुलिस आयुक्त, परिक्षेत्रीय आईजी/डीआईजी एवं एसएसपी/एसपी (प्रभारी जनपद) के साथ ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए।
डीजीपी राजीव कृष्णा ने कहा कि सत्यापन के दौरान लापता पाये गये अपराधियों की तलाश के लिए एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाया जायेगा। जेडएफडी एवं आरटीसी अभियान के परिणामस्वरूप एक जनवरी, 30 जून 2026 की अवधि में, वर्ष 2025 की समान अवधि की तुलना में सडक़ दुर्घटनाओं में 9 प्रतिशत तथा मृत्यु दर में 10 प्रतिशत की कमी आई, जिससे 800 से अधिक मानव जीवन की रक्षा की गई है। वहीं 60 एवं 90 दिवस से अधिक लंबित विवेचनाओं की मॉनिटरिंग तथा उनके शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए केस डायरी मॉनिटरिंग डैशबोर्ड पोर्टल विकसित किया गया है। डीजीपी ने बताया कि मिशन शक्ति केन्द्रों की स्थापना के 06 माह पूर्व व 06 माह बाद के आंकड़ों की समीक्षा से पाया गया कि दहेज हत्या में करीब 43 प्रतिशत एवं दहेज प्रताड़ना में करीब 13 प्रतिशत की कमी आयी है। मिशन शक्ति केंद्रों की कार्यप्रणाली की निरंतर समीक्षा सभी परिक्षेत्रीय आईजी / डीआईजी द्वारा की जाये। बैठक में मुख्य रूप से आगामी त्योहारों, आयोजनो, कांवड़ यात्रा के सकुशल सम्पन्न कराये जाने, अपराध नियंत्रण एवं अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई, यक्ष एप की कार्रवाई की समीक्षा, लंबित विवेचनाओं के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण, थानों पर खड़े वाहनों के निस्तारण, मिशन शक्ति केन्द्र, जेएफडी एवं आरसीटी अभियान, गुमशुदा बच्चों की सकुशल बरामदगी तथा अन्य महत्वपूर्ण कानून-व्यवस्था से संबंधित विषयों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गए।
