भाजपा के लिए ‘वृक्षारोपण’ दरअसल ‘भ्रष्टारोपण’ का कार्यक्रम है-अखिलेश यादव

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लखनऊ l सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा के लिए ‘वृक्षारोपण’ दरअसल ‘भ्रष्टारोपण’ का कार्यक्रम है। ये 35 करोड़ पेड़ लगाने का नहीं बल्कि प्रत्येक पेड़ से कम-से-कम 10 रूपये मतलब कुल मिलाकर 350 करोड़ कमाने की गुप्त भाजपाई योजना है।
अखिलेश यादव ने कहा कि जिन्होंने प्रभु का दरबार नहीं छोड़ा, वो बगीचा और बाग क्या छोड़ेंगे। भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है। हर विभाग और हर कार्य में भ्रष्टाचार और लूट है। भाजपा सरकार में योजनाएं भ्रष्टाचार करने के लिए बनाई जाती हैं। सरकार ने 10 साल में कागजों पर ही पेड़ लगाए हैं इनके पेड़ जमीन पर नहीं दिखाई देते हैं। जो कहीं लगे भी वह पानी के बगैर सूख गए। सरकार हर साल वृक्षारोपण के नाम पर भ्रष्टाचार की नई योजना के साथ आती है। बजट का बंदर बांट हो जाने के बाद अभियान समाप्त हो जाता है। फिर सरकार को साल भर तक ना पेड़ों की चिंता रहती है और ना पर्यावरण की। इस सरकार में पेड़ और वनों की अवैध कटाई हो रही है। श्री यादव ने कहा कि पर्यावरण के लिए गंभीर संकट पैदा होता जा रहा है। हर तरह का प्रदूशण बढ़ता जा रहा है। वायु प्रदूशण के साथ जल प्रदूशण बड़ी समस्या के रूप में सामने आ रही है। भाजपा सरकार ने नदियों की सफाई का झूठा वादा किया। नदियों की सफाई के लिए आया बजट भी भ्रश्टाचार की भेंट चढ़ गया। मां गंगा नदी की सफाई नहीं हुई और न गंगा जी की सहायक नदियों की सफाई हुई। यमुना नदी बुरी तरह प्रदूषित है। प्रदेश में तमाम नदियां अपने अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रही है। सपा की सरकार में लखनऊ में गोमती नदी की सफाई की गयी। विश्वस्तरीय गोमती रिवरफ्रंट बनाकर नदियों की सफाई का उदाहरण प्रस्तुत किया, लेकिन भाजपा सरकार ने गोमती रिवरफ्रंट को बर्बाद कर दिया।

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